Saturday, April 9, 2011

for Mrs. Pratibha Adhikaari... Jhansi ki Rani....Vastvik Tasveer


युगल नयन एक दर्पण से, 
वही साहस, आक्रोश, जैसा पढ़ा मैंने !!
है नासिका पे स्व-दर्प सा, 
होंठ एक किताब, निःशब्द एक ग्रंध पढ़ा मैंने !! 
सुर्यदीप अंकित त्रिपाठी -  ०९/०४/२०११

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